इस भेंट में अली अकबर विलायती ने सीरिया के दिंवगत विदेशमंत्री वलीद मुअल्लिम को याद किया और दुश्मनों के सामने सीरियाई जनता के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रतिरोध और संघर्ष की वजह से इलाक़े में प्रतिरोध का मोर्चा मज़बूत हुआ और दुश्मनों के षडंयत्र और सपने विशेषकर सीरिया के बारे में, नाकाम और चकनाचूर हो गये।
अतंरराष्ट्रीय मामलों में वरिष्ठ नेता के सलाहकार अली अकबर विलायती ने ईरान और सीरिया के संबंधों पर बल देते हुए कहा कि निसंदेह प्रतिरोध मोर्चे में सीरिया की भूमिका निर्णायक है और उसने अपनी इस भूमिका की बहुत बड़ी क़ीमत अदा की है हालांकि अब वह दुश्मनों के षडयंत्रों की ओर सचेत होकर गौरव की राह पर आगे बढ़ रहा है।
अली अकबर विलायती ने सीरिया की सफलताओं का श्रेय इस देश के राष्ट्रपति बश्शार असद को देते हुए कहा कि सीरियाई राष्ट्र ने प्रतिरोध मोर्चे के सदस्य देशों की मदद से 80 देशों पर आधारित साम्राज्यवादी व ज़ायोनी मोर्चे की साज़िशों को नाकाम बना दिया।
अली अकबर विलायती ने कहा कि निश्चित रूप से कुछ लोगों की कल्पना से बहुत पहले ही हम अपने शहीदों विशेषकर शहीद फख्रीज़ादे का बदला ले लेंगे और हम अपने दुश्मनों को चैन से अपराध जारी रखने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि ईरान व सीरिया के संबंध 40 वर्षों से हर रोज़ अधिक से अधिक मज़बूत हो रहे हैं और निश्चित रूप से ईरान व सीरिया के संबंध प्रतिरोध मोर्चे में निर्णायक भूमिका रखते हैं।
इस भेंट में सीरिया के विदेशमंत्री फैसल मिक़दाद ने दोनों देशों के संबंधों पर बल देते हुए इन संबंधों के लिए वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली खामेनई की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।